प्रभाग समिति (जी) में निलेश म्हात्रे पर लग रहा आरोप
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगर पालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण के बढ़ते कदमों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब शहर के महापौर राजीव पाटील ने पदभार संभालने के बाद अवैध निर्माण पर कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए थे, तो फिर जमीनी स्तर पर हालात जस के तस क्यों हैं?
मामला प्रभाग समिति (जी) के अंतर्गत नायगांव क्षेत्र का है। स्थानीय लोगों के अनुसार नायगांव स्थित “नमस्कार ढाबा” के पीछे ससुनवघर इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि लाखों वर्गफुट में निर्माण कार्य बिना आवश्यक अनुमति के किया जा रहा है, लेकिन संबंधित प्रभाग अधिकारी निलेश म्हात्रे ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण अवैध है तो तत्काल रोक क्यों नहीं लगाई जा रही? और यदि वैध है तो उसकी अनुमति और कागजात सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे? प्रशासन की चुप्पी से संदेह और गहराता जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रभाग समिति (जी) क्षेत्र में ऐसे कई निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी शिकायतें उठती रही हैं। लेकिन न विधायक, न महापौर, न नगर सेवक और न ही मनपा अधिकारी—किसी की ओर से निर्णायक कार्रवाई सामने आती दिख रही है। इससे यह धारणा बन रही है कि कहीं न कहीं सत्ता और प्रशासन की मिलीभगत से अवैध निर्माण को संरक्षण तो नहीं मिल रहा?
नागरिकों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो अवैध निर्माण न केवल शहर की बुनियादी संरचना पर बोझ बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को भी जन्म दे सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या महापौर के आदेश केवल कागजों तक सीमित रहेंगे? क्या मनपा प्रशासन भ्रष्टाचार के आरोपों पर मौन ही साधे रहेगा? या फिर अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई कर नागरिकों का विश्वास बहाल किया जाएगा? शहर की जनता अब जवाब चाहती है और वह भी जल्द।

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