कार्रवाई होगी या फिर नजरअंदाज?
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगर पालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण की समस्या पहले से ही गंभीर बनी हुई है, लेकिन अब हालात इस कदर बिगड़ते नजर आ रहे हैं कि सार्वजनिक शौचालय तक भी अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। ताजा मामला प्रभाग समिति एफ कार्यालय के ठीक समीप सामने आया है, जहां वर्षों से मौजूद एक सार्वजनिक शौचालय पर कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए था, लेकिन अब इसे बंद कर निजी कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, यहां अवैध निर्माण कर आर्थिक लाभ कमाने की तैयारी भी की जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा मामला महानगर पालिका कार्यालय से सटे क्षेत्र में हो रहा है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

हाल ही में प्रभाग समिति एफ में सहायक आयुक्त के रूप में नीलाक्षी पाटिल की नियुक्ति हुई है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि वे इस गंभीर मामले में सख्त कदम उठाती हैं या फिर इसे नजरअंदाज कर दिया जाएगा।
इस प्रकरण को लेकर शहर के महापौर अजीव पाटील और आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। नागरिकों का कहना है कि जब पालिका के ठीक सामने ही सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा हो रहा है, तो बाकी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब हरकत में आता है और इस अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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