सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
पालघर, रेलवे सुरक्षा बल पालघर की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। 23.02.2026 को प्रातः लगभग 4:00 बजे आरपीएफ पालघर में तैनात एएसआई विजय राजपूत नियमित गश्त के दौरान पालघर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 पर दो नाबालिग बालकों को अकेले एवं असहाय अवस्था में घूमते हुए देखा।
संदेह होने पर उन्होंने तुरंत दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और पूछताछ की।पूछताछ में बच्चों ने अपने नाम अंकित (14 वर्ष, बदला हुआ नाम) एवं योगेश (13 वर्ष, बदला हुआ नाम), निवासी बोईसर (पश्चिम) बताए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें तत्काल आरपीएफ कार्यालय पालघर लाया गया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया तथा परिजनों को बिना विलंब सूचना दी गई।मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति पालघर (CWC) को भी दी गई। समिति की सदस्य पूनम विजय वाडेहे कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहीं। परिजनों के पहुंचने पर एएसआई हरी तमांग द्वारा दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति पालघर की अध्यक्षा राज कन्या दिनकर एवं अन्य सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को विधिवत उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया गया।बच्चों के परिजनों ने आरपीएफ पालघर की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील व्यवहार और सुरक्षित संरक्षण के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आरपीएफ पालघर न केवल रेलवे परिसरों की सुरक्षा में तत्पर है, बल्कि मानवता के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही।

More Stories
पेल्हार पुलिस का अपराध के खिलाफ सख्त एक्शन, गुंडागर्दी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
वसई-विरार में बिजली संकट पर उच्चस्तरीय बैठक, समाधान के लिए ठोस कदमों के निर्देश
आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 6 एंबुलेंस का लोकार्पण