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राष्ट्रीय लोक अदालत में 56 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण, दो बिछड़े दंपतियों का हुआ पुनर्मिलन

सनसनी अबतक | मनोज दुबे
भदोही। जनपद न्यायालय परिसर सरपतहा, ज्ञानपुर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक संवेदनशीलता और सामाजिक सौहार्द का अनूठा दृश्य देखने को मिला। वर्षों से अलग रह रहे दो दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया और एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की शपथ ली। इस भावुक क्षण ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भदोही-ज्ञानपुर के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अखिलेश दूबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं महज साढ़े चार वर्षीय अनिरुद्ध तिवारी ने सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रत्नेशमणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह की मध्यस्थता से दो वैवाहिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। दोनों दंपतियों ने अदालत परिसर में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ रहने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल कानूनी विवादों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक एकता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि संवाद और सहमति से रिश्तों को बचाया जा सकता है तथा लोक अदालतें समय और धन दोनों की बचत करती हैं।

जनपद न्यायाधीश अखिलेश दूबे ने कहा कि लोक अदालत सस्ता, सरल और त्वरित न्याय का सशक्त माध्यम है, जहां न किसी की हार होती है और न जीत, बल्कि आपसी सहमति से स्थायी समाधान निकलता है। उन्होंने न्यायालय परिसर का भ्रमण कर वादकारियों की समस्याएं भी सुनीं तथा बैंक एवं न्यायिक अधिकारियों को आमजन के मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

लोक अदालत में कुल 68,079 मामलों को संदर्भित किया गया, जिनमें से 56,956 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंकों के प्री-लिटिगेशन मामलों में 2 करोड़ 81 लाख 51 हजार 139 रुपये की वसूली हुई। एनआई एक्ट के मामलों में 5 लाख रुपये तथा बिजली बिल संबंधी मामलों में 49.78 लाख रुपये की समझौता धनराशि तय की गई। प्रशासनिक एवं राजस्व विभागों के 52,888 मामलों का भी निस्तारण किया गया और 10 लाख 87 हजार 615 रुपये अर्थदंड वसूला गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों द्वारा सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं बैंक ऋण वसूली मामलों के लिए विशेष लोक अदालत पीठ का गठन कर 764 मामलों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर समाधान कराया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक अधिकारी, कर्मचारी एवं पत्रकार मौजूद रहे।

लोक अदालत परिसर में “एक जनपद एक उत्पाद”, “ताना-बाना” एवं सोलर लाइट से संबंधित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जहां लोगों को रोजगार, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।