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21 साल बाद हत्या का फरार आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार, MBVV क्राइम ब्रांच यूनिट-2 वसई टीम को मिली बड़ी कामयाबी

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच यूनिट-2, वसई) ने वर्ष 2005 के एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा करते हुए 21 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्तालय द्वारा लंबित और अनसुलझे मामलों के समानांतर जांच अभियान के तहत की गई।

2005 में हुई थी बेरहमी से हत्या

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2005 में विरार पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके चचेरे भाई दिलीप तुकाराम चव्हाण (30) की अज्ञात व्यक्ति ने सिर पर गंभीर वार कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को सबूत मिटाने की नीयत से भाटीवंदर से चिंचल डोंगरी जाने वाले रास्ते के पास खाड़ी किनारे फेंक दिया गया था।

समानांतर जांच में मिला बड़ा सुराग

क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने मामले की दोबारा गहन जांच शुरू की। पुलिस ने पुराने गवाहों, स्थानीय लोगों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी घटना के बाद उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक गांव में छिपकर रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंची और 25 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की पहचान

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश सुरेश सोनकर के नाम से हुई है जो कि तलगंज मनोरी, थाना पुरामुफ्ती, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला बताया गया है।

पूछताछ में कबूला हत्या का कारण

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और मृतक आपस में मित्र थे। दोनों एक होटल में सफाई का काम करते थे। आरोपी का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ मृतक ने जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने मित्र की हत्या कर दी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी पहले लखनऊ में करीब 5 से 6 वर्ष तक रहा। इसके बाद वह प्रयागराज लौट गया और पिछले लगभग 15 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन कर रहा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम ने की कार्रवाई

यह सफलता पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट-2, वसई के पुलिस निरीक्षक अविराज कुराडे, सहा.पुलिस निरीक्षक सोपान पाटील, पोलीस उप निरीक्षक संतोष घाडगे, अजित गिते, सहा. फौज संजय नवले, मुकेश पवार, मनोज मोरे, चंदन मोरे, प्रफुल्ल पाटील, सचिन पाटील, जगदिश गोवारी, दादा आडके, पोअं अनिल साबळे, अक्षय बांगर, मसुब रामेश्वर केकान, संतोष चव्हाण टीम ने हासिल की। टीम ने तकनीकी जांच, खुफिया जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर 21 साल पुराने हत्या के मामले के आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया। यह कार्रवाई मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस की लंबित गंभीर मामलों की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।