10 हजार से 18 हजार मानदेय होने पर शिक्षामित्रों में खुशी की लहर, जनप्रतिनिधियों ने सराहा योगदान
सनसनी अबतक | मनोज दुबे
भदोही। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि किए जाने के उपलक्ष्य में मंगलवार को पंचायत सभागार, विकास भवन में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 किए जाने पर जिलेभर के शिक्षा मित्रों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षा मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक ज्ञानपुर विपुल दूबे, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा तथा सांसद प्रतिनिधि संजय कुमार बिन्द उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुआ। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षकों और शिक्षा मित्रों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि जिले में “स्कूल चलो अभियान” के तहत 23,682 नए नामांकन हुए हैं और इस उपलब्धि में भदोही प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने आकांक्षी विकासखंड औराई को नामांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर शिक्षा विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों के परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि सरकार ने उनके मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि की है।
विधायक विपुल दूबे ने शिक्षा मित्रों को प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए कहा कि गांव-गांव तक शिक्षा की अलख जगाने में उनका योगदान सराहनीय है। वहीं विधायक दीनानाथ भास्कर ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और भविष्य में भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने शिक्षा मित्रों से नवाचार एवं अनुशासन के साथ कार्य करने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिले के प्रत्येक विकासखंड से दो महिला एवं दो पुरुष शिक्षा मित्रों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान लगभग 400 शिक्षा मित्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह का समापन शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने तथा हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।

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