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राजशिष्टाचार का उल्लंघन: वसई-विरार शहर महानगर पालिका में भाजपा का जोरदार हंगामा, दो वरिष्ठ इंजीनियरों पर कार्रवाई

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगरपालिका में राजशिष्टाचार के उल्लंघन को लेकर शुक्रवार (13 मार्च) को राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। प्रभाग समिति ‘ए’ की नई इमारत के लोकार्पण और चंदनसार स्थित ट्रॉमा सेंटर के भूमिपूजन समारोह की निमंत्रण पत्रिका में लोकप्रतिनिधियों के नाम न होने से भाजपा ने महापालिका मुख्यालय पर तीव्र आंदोलन छेड़ दिया।

आरोप है कि पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत सवरा और वसई की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित के नाम निमंत्रण पत्रिका से पूरी तरह गायब थे, जबकि नालासोपारा के विधायक राजन नाईक का नाम राजशिष्टाचार की मर्यादा तोड़ते हुए पूर्व पदाधिकारियों के बाद छापा गया। इसे लेकर भाजपा नेताओं ने कड़ी नाराज़गी जताई और इसे लोकप्रतिनिधियों का अपमान बताया।

इस मुद्दे पर विरोधी पक्षनेता मनोज पाटील, गटनेता अशोक शेळके और जिला अध्यक्षा प्रज्ञा पाटील के नेतृत्व में भाजपा के 43 नगरसेवकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महापालिका मुख्यालय में धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

बताया गया कि महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 20 नवंबर 2025 को जारी परिपत्र का भी इस मामले में उल्लंघन हुआ है। मनोज पाटील ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह का कृत्य राजशिष्टाचार के नियमों का सीधा उल्लंघन है।

आंदोलन की भनक मिलते ही महापालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने सीधे आयुक्त के केबिन का घेराव कर दिया। बाद में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने महापौर अजीव पाटील, स्थायी समिति सभापति प्रवीण शेट्टी और अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

मनोज पाटील ने आयुक्त को दिए पत्र में कहा कि विधानमंडल का बजट सत्र जारी रहने के दौरान ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना भी शासन परिपत्र के नियमों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने मांग की कि लोकप्रतिनिधियों का अपमान करने वाले दोषी अधिकारियों के नाम सार्वजनिक कर सात दिन के भीतर कठोर कार्रवाई की जाए।

भाजपा के आंदोलन के दबाव के बाद आखिरकार महापालिका प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे ने लिखित स्पष्टीकरण में कहा कि संबंधित निमंत्रण पत्रिका महापालिका द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं की गई थी। इसके बावजूद राजशिष्टाचार का पालन न करने और आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना पत्रिका जारी करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।

महापालिका ने शहर अभियंता प्रदीप पाचंगे और उप अभियंता सतीश सूर्यवंशी को महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन व अपील) नियम 1979 के तहत अनुशासनात्मक नोटिस जारी कर दी है।

इस कार्रवाई के बाद महापालिका के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वहीं भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए महापालिका में राजशिष्टाचार अनुपालन कक्ष स्थापित करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।