October 10, 2026

Sansani ab tak

Hindi News, हिन्दी समाचार, हिंदी न्यूज़, Latest Hindi News, Breaking News,sansani ab tak

नवी मुंबई महानगर पालिका में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: उप आयुक्त 42 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
नवी मुंबई। लाचलुचपत प्रतिबंध विभाग (एसीबी) नवी मुंबई ने एक बड़ी सापळा (ट्रैप) कार्रवाई को अंजाम देते हुए नवी मुंबई महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग के उप आयुक्त डॉ. कैलास सोमनाथ गायकवाड (53) को 42,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार शाम करीब 4:08 बजे सीबीडी बेलापुर स्थित महानगरपालिका मुख्यालय में उनके कार्यालय में

की गई।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता नवी मुंबई महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग में सब-कॉन्ट्रैक्टर के रूप में कार्य करता है। उसके द्वारा किए गए कार्यों के 21,01,357 रुपये के बिल को मंजूरी दी गई थी। आरोप है कि इस बिल की राशि जारी करने के एवज में उप आयुक्त डॉ. गायकवाड ने 2 प्रतिशत कमीशन के तौर पर 42,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

पड़ताल में हुआ खुलासा

शिकायत मिलने के बाद 20 अप्रैल 2026 को एसीबी ने मामले की सत्यता की जांच की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अधिकारी ने वास्तव में रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद सापळा बिछाने की योजना बनाई गई।

रंगेहाथ गिरफ्तारी

21 अप्रैल को जाल बिछाकर एसीबी टीम ने आरोपी को उसके केबिन में ही रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय धर दबोचा। पूरी कार्रवाई अतिक्रमण विभाग, तीसरी मंजिल, नवी मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय, सीबीडी बेलापुर में अंजाम दी गई।

जांच में बरामदगी

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 71,180 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक वैगनआर कार की चाबी बरामद की गई है। मोबाइल फोन को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। साथ ही आरोपी के निवास स्थान पर तलाशी की कार्रवाई जारी है।

कानूनी कार्रवाई जारी

इस मामले में एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन, नवी मुंबई में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

यह कार्रवाई पुलिस उप अधीक्षक धर्मराज सोनके के नेतृत्व में की गई, जिसमें निरीक्षक किरणकुमार वाघ और निरीक्षक अरुंधती येळवे की टीम शामिल रही। पूरी कार्रवाई की निगरानी एसीबी ठाणे परिक्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई।

संदेश साफ: भ्रष्टाचार पर सख्ती

एसीबी की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।