7 लाख लेते निजी व्यक्ति गिरफ्तार; अप्पर तहसीलदार फरार
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई तहसील कार्यालय से जुड़े एक भ्रष्टाचार मामले का खुलासा करते हुए ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। अनधिकृत निर्माण को न तोड़ने तथा जमीन के एन.ए. (बिगरशेती) प्रक्रिया में सहायता के नाम पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एक निजी व्यक्ति को 7 लाख रुपये स्वीकार करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल प्रभाकर चौबल के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर अप्पर तहसीलदार विनोद बाळकृष्ण धोत्रे के लिए बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। इस मामले में अप्पर तहसीलदार धोत्रे को भी आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तक्रारदार की देपिवली (ता. वसई, जि. पालघर) स्थित जमीन पर हुए अनधिकृत निर्माण को न हटाने तथा उक्त जमीन को एन.ए. कराने के लिए आवश्यक कागजातों की प्रक्रिया में सहायता के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। आरोपी चौबल ने अप्पर तहसीलदार के लिए 10 लाख रुपये तथा स्वयं के लिए 40 लाख रुपये की मांग की थी।
तक्रारदार द्वारा 20 अप्रैल 2026 को एसीबी, ठाणे में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत की पुष्टि के पश्चात 21 अप्रैल को दोपहर 1:13 बजे सापळा (ट्रैप) कार्रवाई की गई। इस दौरान तय रकम के अनुसार 7 लाख रुपये स्वीकार करते समय चौबल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में वसई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है तथा आगे की जांच मीरा-भाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय द्वारा की जा रही है।
एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल टोल फ्री नंबर 1064 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9167599064 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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