मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। खबरें थीं कि उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं, जिससे सियासी अटकलों को हवा मिली। हालांकि, दोनों गुटों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ठाकरे गुट के 9 सांसदों में से 5 से अधिक के शिंदे खेमे के संपर्क में होने की चर्चा है। हाल ही में इन सांसदों ने ‘मातोश्री’ में उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। उनका कहना था कि एकनाथ शिंदे तक पहुंचना आसान है, जबकि ठाकरे से मुलाकात मुश्किल होती जा रही है। साथ ही विकास कार्यों के फंड को लेकर भी असंतोष सामने आया है। इस बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी शिंदे से संपर्क नहीं किया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा साबित हुआ तो वे सजा भुगतने को तैयार हैं। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत बाबा बावनकुले ने कहा कि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस दोनों जनप्रतिनिधियों से सहजता से मिलते हैं और उनके कार्यों में मदद करते हैं, जिससे इस तरह की चर्चाएं पैदा होती हैं। इसी कड़ी में एकनाथ शिंदे ने खुद सामने आकर ‘ऑपरेशन टाइगर’ की खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक बताया। उन्होंने मीडिया से अपील की कि बिना तथ्य के सनसनी न फैलाएं। शिंदे ने साफ किया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के साथ कोई गुप्त बैठक नहीं हुई है। फिलहाल, तमाम खंडनों के बावजूद ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी अटकलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आने वाले दिनों में ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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