नायगांव पुलिस की क्राइम डिटेक्शन टीम की बड़ी कामयाबी
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। गैंगरेप और लूट के सनसनीखेज मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार नायगांव पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण (क्राइम डिटेक्शन) टीम ने पुणे जिले के कामशेत से धर दबोचा। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था, लेकिन पुलिस की गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नौकरी का झांसा देकर किया शोषण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर 2024 को पीड़िता नौकरी की तलाश में पुणे पहुंची थीं। इंटरव्यू छूट जाने पर उन्होंने अपने पति के मित्र पवन राजेंद्र प्रसाद सब्बत (निवासी मीरा रोड) से संपर्क किया। आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें मीरा रोड बुलाया और चंडिका मंदिर के पास एक इमारत में ठहराया। आरोप है कि पवन सब्बत ने अपने साथियों—धनराज चव्हाण (मीरा रोड) और अभिषेक पुजारी (दहिसर, मुंबई) के साथ मिलकर पीड़िता के साथ कई दिनों तक जबरन शारीरिक संबंध बनाए। वहीं चौथे आरोपी नागेश गायकवाड (तालेगांव, पुणे) ने पीड़िता से छेड़छाड़ की।
लूट और साइबर अपराध भी
आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल फोन, मंगलसूत्र, कान की बालियां और 15 हजार रुपये नकद सहित करीब 75 हजार रुपये का सामान जबरन छीन लिया। इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी पवन ने पीड़िता के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसके फोटो भी अपलोड किए। इस संबंध में नायगांव पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 60/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार
मामले में पवन सब्बत (29), धनराज चव्हाण (21) और अभिषेक पुजारी (22) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। हालांकि चौथा आरोपी नागेश केशव गायकवाड घटना के बाद से फरार था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
गुप्त सूचना पर कामशेत से गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया। तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कामशेत, पुणे में दबिश देकर नागेश गायकवाड को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त पौर्णिमा चौगुले (परिमंडल-2, वसई), सहायक पुलिस आयुक्त नवनाथ घोगरे तथा नायगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विजय कदम के मार्गदर्शन में की गई।
क्राइम डिटेक्शन टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित प्रयासों से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर इस गंभीर मामले में अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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