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सौर कृषि पंप योजना के सर्वे के नाम पर रिश्वत लेते वरिष्ठ तकनीशियन रंगेहाथ गिरफ्तार

नांदेड़ में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
नांदेड़: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक टीम (ला.प्र.वि.) ने एक सफल ट्रैप कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (महावितरण) के वरिष्ठ तकनीशियन संतोष नागोराव बोयाल (38) को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते बुधवार को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी लिंबगांव शाखा में कार्यरत है और नाइक नगर, नांदेड़ का निवासी बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय शिकायतकर्ता ने अपने पिता के नाम पर वानेगांव स्थित कृषि भूमि में “मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना” के तहत 30 सितंबर 2025 को ऑनलाइन आवेदन किया था। शासन द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद 4 फरवरी 2026 को आरोपी तकनीशियन सर्वे के लिए खेत पर पहुंचा। इसी दौरान उसने रिपोर्ट सबमिट करने के बदले अन्य लाभार्थियों से 3 हजार रुपये लेने की बात कहते हुए शिकायतकर्ता से भी रिश्वत की मांग की।

बताया जाता है कि सर्वे की कोई आधिकारिक फीस नहीं होने के बावजूद आरोपी लगातार 4 से 6 फरवरी के बीच फोन कर पैसे देने का दबाव बनाता रहा। इसके बाद पीड़ित ने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से शिकायत की। 11 फरवरी 2026 को अधिकारियों ने सरकारी पंचों की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन कराया। आनंदनगर चौक पर हुई मुलाकात में आरोपी ने 3 हजार रुपये की मांग दोहराई और बाद में समझौते के तौर पर 2 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई।

इसके बाद बिछाए गए जाल के तहत आरोपी ने शिकायतकर्ता को माधव दाल मिल, नवीन मोंढा के पास बुलाया। आईटीआई से अण्णाभाऊ साठे चौक जाने वाले मार्ग पर गजानन पान शॉप के सामने जैसे ही शिकायतकर्ता ने 2 हजार रुपये दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत स्वीकार करते रंगेहाथ पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से वीवो और सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जब्त करने की प्रक्रिया जारी है, वहीं उसके घर की तलाशी भी ली जा रही है। इस मामले में शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन, नांदेड़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और औपचारिक गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक माधुरी यावलीकर के नेतृत्व में, पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत पवार के पर्यवेक्षण में तथा पुलिस निरीक्षक रसूल तांबोली की जांच में संपन्न हुई। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर तुरंत शिकायत करें, ताकि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।