सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
सफाले (पालघर)। सफाले के सेंट्रल पार्क क्षेत्र में बसाए जा रहे रिहायशी इलाके की हालत बद से बदतर होती जा रही है। यहां रहने वाले सैकड़ों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। झोपड़पट्टी जैसी स्थिति में बनी इमारतों के बीच लोग हर दिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूरे इलाके में न तो पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और न ही बुजुर्गों के बैठने या बच्चों के खेलने के लिए कोई उद्यान विकसित किया गया है। शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत होती है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए रात के समय घर से बाहर निकलना असुरक्षित बन गया है।
सबसे गंभीर समस्या जल निकासी की है। क्षेत्र में गटर (नालियों) का निर्माण नहीं होने से बरसात का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गंदे पानी और कीचड़ के बीच लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
निवासियों का कहना है कि इतने बड़े आवासीय परिसर में एक भी सार्वजनिक उद्यान या खुला स्थान नहीं है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क लाइट, नाली निर्माण और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

More Stories
पेल्हार पुलिस का अपराध के खिलाफ सख्त एक्शन, गुंडागर्दी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
वसई-विरार में बिजली संकट पर उच्चस्तरीय बैठक, समाधान के लिए ठोस कदमों के निर्देश
आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 6 एंबुलेंस का लोकार्पण