सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगरपालिका के अंतर्गत संचालित सर डी.एम. पेटीट अस्पताल में कालबाह्य (एक्सपायर्ड) दवाओं के भंडारण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 6 मार्च 2026 को मीडिया में खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच समिति गठित की गई।

महानगरपालिका आयुक्त के निर्देश पर गठित इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त आयुक्त (उत्तर) दीपक सावंत ने की, जबकि मुख्य लेखापरीक्षक दिनकर जाधव, उपमुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी अभिजीत मेंगडे तथा उप आयुक्त (वैद्यकीय स्वास्थ्य) स्वाती देशपांडे सदस्य सचिव के रूप में शामिल रहीं।

जांच में क्या सामने आया?
समिति ने अस्पताल के दवा भंडार की विस्तृत जांच की, जिसमें कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं। जिसमें दवाओं का भंडारण व्यवस्थित तरीके से नहीं किया गया था, 10 प्रकार की दवाएं एक्सपायर्ड पाई गईं और एक्सपायर्ड और लंबे समय तक उपयोग योग्य दवाओं को एक ही स्थान पर रखा गया था।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई
जांच में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों की सुरक्षा पर क्या कहा?
महानगरपालिका ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि—बाह्यरुग्ण (ओपीडी) सेवाओं के दौरान किसी भी मरीज को एक्सपायर्ड दवाएं वितरित नहीं की गईं। अब तक किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य नुकसान की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और मरीजों को दी गई सभी दवाएं सुरक्षित थीं।
नागरिकों से अपील
महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी प्रकार की अफवाह या डर में न आएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और सुरक्षित तरीके से प्रदान की जाती रहेंगी।

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