विकास की नई रूपरेखा पर मंथन
सनसनी अबतक | मनोज तिवारी
भदोही। “सशक्त जनपद – समृद्ध उत्तर प्रदेश” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में जनपद भदोही ने ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्ष 2030 तक भदोही को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सामर्थ जनपद बनाने की व्यापक रणनीति पर मंथन किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के प्रति व्यक्ति आय में पिछड़े 20 जनपदों में शामिल भदोही को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए जनभागीदारी सबसे अहम कड़ी होगी। उन्होंने नागरिकों, विशेषज्ञों, समाजसेवियों और अधिकारियों से प्राप्त सुझावों को नीति निर्धारण में शामिल करने का आश्वासन दिया।
कृषि में बदलाव से आय में बढ़ोतरी
बैठक में पारंपरिक खेती के स्थान पर सब्जी, फल, फूल और औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से सामूहिक विपणन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन को आय के मजबूत स्रोत के रूप में विकसित करने की रणनीति बनाई गई।
बुनकर उद्योग और स्थानीय उद्यमिता पर फोकस
कालीन उद्योग के लिए विश्वविख्यात भदोही में बुनकरों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। युवाओं को स्टार्टअप, सूक्ष्म उद्योग, हस्तशिल्प और खाद्य प्रसंस्करण की ओर प्रेरित करने पर सहमति बनी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को अगरबत्ती, पापड़, कढ़ाई-बुनाई जैसे गृह उद्योगों से जोड़ने की योजना पर भी बल दिया गया।
कौशल विकास से रोजगार सृजन
आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिजिटल स्किल सेंटरों के जरिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि युवा रोजगारोन्मुख बन सकें।
धार्मिक पर्यटन को नई दिशा
सीतामढ़ी धाम जैसे स्थलों के विकास के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, होम-स्टे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
महिला सशक्तिकरण विकास की कुंजी
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और लघु उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
अंत में जिलाधिकारी ने आह्वान किया कि यदि किसान आधुनिक तकनीक अपनाएं, युवा कौशल के बल पर रोजगार सृजित करें और महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएं, तो 2030 तक भदोही को आत्मनिर्भर और समृद्ध जनपद बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जा सकता है।

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