Sansani ab tak

Hindi News, हिन्दी समाचार, हिंदी न्यूज़, Latest Hindi News, Breaking News,sansani ab tak

वसई पूर्व के श्री तुंगारेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, लेकिन महानगरपालिका की अव्यवस्था ने खड़े किए सवाल

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वसई पूर्व स्थित श्री तुंगारेश्वर महादेव देवस्थल पर इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए लाखों भक्तों ने भगवान महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। हर साल की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन ने कड़ा बंदोबस्त किया था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

14 फरवरी 2026 की रात से ही तुंगार फाटा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। पुलिस बल के साथ महाराष्ट्र सुरक्षा बल तथा पुलिस मित्र भी भारी संख्या में तैनात रहे। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने घंटों एक ही स्थान पर खड़े रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक गंभीर समस्या सामने आई। 15 फरवरी को मंदिर आने-जाने वाले भक्तों और मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के शरीर व कपड़ों पर पाउडर जैसा काला पदार्थ जमने लगा। लंबे समय तक ड्यूटी निभा रहे जवानों के चेहरे, हाथ, गर्दन और कपड़े इस तरह काले पड़ गए मानो वे किसी कोयला खदान से लौटे हों।

इस स्थिति ने न केवल असुविधा बढ़ाई बल्कि स्वास्थ्य संबंधी आशंकाएं भी खड़ी कर दीं। सुरक्षा कर्मियों, पुलिस मित्रों और स्वयं पुलिस अधिकारियों में बीमारी फैलने का डर बना रहा। सवाल उठ रहा है कि आखिर यह काला पाउडरनुमा पदार्थ कहां से आया और इसके स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?

महानगर पालिका की कार्यशैली पर उठे प्रश्न

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर वसई विरार शहर महानगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं। क्या साफ-सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और स्वास्थ्य सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे? यदि हां, तो फिर ऐसी स्थिति क्यों बनी?

अब निगाहें महानगर पालिका के आरोग्य विभाग और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या इस गंभीर विषय पर जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी, या फिर मामला अन्य मुद्दों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

महाशिवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर जहां आस्था का महासंगम हुआ, वहीं प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों ने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जिम्मेदार विभाग इस पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।