सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में मिले सिर कटी लाश के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 8 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। दोस्ती और साझेदारी के रिश्ते को शर्मसार करने वाली इस वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला?
30 मार्च 2026 की सुबह करीब 9 बजे, सोपारा फाटा के पास सर्विस रोड से जाबरपाड़ा जाने वाले रास्ते के बाग की झाड़ियों के बीच प्लास्टिक की बोरी में बंद एक सिर कटा शव मिला। शव पर कई धारदार वार के निशान थे, जिससे हत्या की बर्बरता साफ झलक रही थी। सिर मौके से गायब था और धड़ पुलिस के हाथ लगा। सूचना मिलते ही पेल्हार पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के तहत जांच पड़ताल में जुट गई।
पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती
मृतक का सिर गायब होने के कारण उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था। लेकिन मृतक के हाथ में अशोक सिंह नाम और दिल का टैटू बना था, पुलिस ने उस निशान को फैलाया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लेते हुए आसपास के 200 से 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध गतिविधियों का सुराग जुटाया।
दोस्त ही निकले कातिल
जांच के दौरान पुलिस ने दिनेश कुमार प्रजापति (27) और संदीप तिवारी (35) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने ही दोस्त और कारोबारी साझेदार अशोक सिंह राजपूत (32, मूल निवासी राजस्थान) की हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, मृतक और दिनेश प्रजापति के बीच किराना व्यवसाय को लेकर पैसों का विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों (दिनेश प्रजापति और संदीप तिवारी) ने धारदार हथियार से अशोक की हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। शव को पेल्हार के आम के बाग में फेंका गया, जबकि सिर को तानसा नदी में ठिकाने लगाया गया।
डॉग स्क्वायड की सूंघने की ताकत बना सहयोगी
पेल्हार हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जहां तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं डॉग स्क्वायड टीम ने भी जांच को सही दिशा देने में अहम योगदान दिया। घटनास्थल पर पहुंचते ही पुलिस ने डॉग स्क्वायड को तैनात किया। प्रशिक्षित कुत्तों ने मौके से गंध पकड़ते हुए आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत दिए, जिससे पुलिस को यह स्पष्ट हुआ कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया है।
ड्रोन से मिला अहम सबूत
पुलिस टीम ने ड्रोन की मदद से तानसा नदी किनारे सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां झाड़ियों में मृतक का सिर और मोबाइल फोन बरामद किया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सभी अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
10 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी
हत्या मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत ने 10 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-3) सुहास बावचे तथा सहायक पुलिस आयुक्त बजरंग देसाई के मार्गदर्शन में की गई। ऑपरेशन का नेतृत्व पेल्हार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन कांबले ने किया। उनके साथ पुलिस निरीक्षक (क्राइम) शिवाजी पाटील, निरीक्षक शकील शेख तथा गुन्हे प्रकटीकरण पथक के सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश वाघचौरे, पुलिस उप निरीक्षक तुकाराम भोपले, सपोउपनि योगेश देशमुख, पोहवा/तानाजी चव्हाण, वाल्मिक पाटील, रवि वानखेडे, किरण आव्हाड, अभिजीत नेवारे, पोना/अशोक परजने, पोअं/वसिम शेख, अनिल वाघमारे, अमोल मस्से, निखील घोरपडे, व पोहवा/नामदेव ढोणे पोअं/सोहेल शेख जैसे पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना बताती है कि आर्थिक विवाद और आपसी मतभेद अगर समय रहते सुलझाए न जाएं, तो वे रिश्तों को ही नहीं, जिंदगी को भी खत्म कर सकते हैं।

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