सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने एक वरिष्ठ लिपिक को ₹1000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंचन प्रबंधन उपविभाग क्रमांक-3 में कार्यरत 41 वर्षीय लिपिक ने एसीबी हिंगोली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पूर्णा पाटबंधारे विभाग, वसमत में तैनात वरिष्ठ लिपिक सलीम अब्दुल अहमद शेख (45) तीन महीनों (जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025) के बकाया वेतन बिल तैयार कर उसे कोषागार में जमा कराने के बदले ₹1000 की रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायत की पुष्टि के लिए एसीबी टीम ने पंच साक्षियों की मौजूदगी में जांच की, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की बात सत्य पाई गई। इसके बाद 23 मार्च को जाल बिछाकर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान आरोपी सलीम शेख ने अपने कार्यालय, पूर्णा पाटबंधारे विभाग वसमत में शिकायतकर्ता से ₹1000 की रिश्वत स्वीकार की। इसी दौरान एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक वीवो मोबाइल फोन, जलसंपदा विभाग का पहचान पत्र, एसबीआई के दो एटीएम कार्ड और ₹2740 नकद बरामद किए गए हैं। मोबाइल की जांच की जा रही है, जबकि आरोपी के घर की तलाशी की प्रक्रिया नांदेड़ एसीबी के माध्यम से जारी है।
इस मामले में वसमत शहर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है और मामला दर्ज होने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।
इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक सुलभा राऊत ने किया, जबकि पर्यवेक्षण पुलिस उप अधीक्षक विकास घनवट द्वारा किया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक राजेश मलपिलु कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की यह कार्रवाई प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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