सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। विरार पुलिस थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से नागरिकों के मोबाइल फोन गुम होने और मिसिंग की घटनाएं बढ़ रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विरार पुलिस थाना की गुन्हे प्रकटीकरण शाखा (क्राइम डिटेक्शन टीम) ने विशेष अभियान चलाकर गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी, डिजिटल ट्रैकिंग और विश्लेषण के आधार पर जांच करते हुए भारत के विभिन्न राज्यों और महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से कुल 63 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए, जिससे नागरिकों में खुशी और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त सुहास बावचे (परिमंडल-3) और सहायक पुलिस आयुक्त बजरंग देसाई (विरार विभाग) के मार्गदर्शन में की गई। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में विरार पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक एल.एम. तुरे, पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) सुरेश गायकवाड, तथा क्राइम डिटेक्शन टीम के सहायक पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश फडतरे, पुलिस उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर कोकाटे सहित पुलिस कर्मियों — संदीप जाधव, मोल चव्हाण, मोहसीन दिवाण, सचिन बळीद, बालाजी गायकवाड, बालाजी शिंदे, सोमनाथ कासार, उत्कर्ष सोनावणे, विलास राठोड ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा पुलिस उपायुक्त कार्यालय (परिमंडल-3, विरार) के नामदेव ढोणे और सोहेल शेख का भी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ गुम हुए मोबाइल फोन मालिकों को राहत मिली, बल्कि अपराधियों के खिलाफ भी कड़ा संदेश गया है कि तकनीकी जांच के जरिए पुलिस उनसे बच निकलने नहीं देगी।

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