लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण व्यवस्था का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर संघ और भाजपा के पदाधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण की सीमा का किसी भी स्तर पर उल्लंघन न हो, इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए। संगठन की ओर से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिले की समस्याएं लखनऊ तक नहीं आनी चाहिए। संबंधित अधिकारी स्थानीय स्तर पर ही शिकायतों का समाधान करें। यदि समस्या का समाधान न हो सके, तो प्रभारी मंत्री के माध्यम से मामला शासन तक पहुंचाया जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि विपक्ष द्वारा जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैलने दिया जाए। इसके लिए संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही कुछ जिलों में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं, जिन पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश संगठन के पुनर्गठन, क्षेत्रीय अध्यक्षों में संभावित बदलाव और आयोग, निगम व बोर्ड के रिक्त पदों को जल्द भरने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श होने की खबर है। बैठक में पुलिस भर्ती, कक्षा सात की परीक्षा में जाति विशेष के नाम को लेकर उठे विवाद और पंचायत चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहे।

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