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विरार में सजेगा ‘कोकण सरस 2026’, महिला स्वयंसहायता समूहों के उत्पादों का भव्य मेला 12 से

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता को मंच देने के उद्देश्य से “कोकण सरस 2026” का भव्य आयोजन विरार में किया जा रहा है। महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद), जिला परिषद पालघर और वसई-विरार महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में यह भव्य विक्री व प्रदर्शन मेला 12 से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होगा।

यह मेला म्हाडा मैदान (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स), जकात नाका, विरार पश्चिम में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जहां कोकण क्षेत्र की महिला स्वयंसहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए सैकड़ों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी।

मेले में ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए घरगुती मसाले, पारंपरिक खाद्य पदार्थ, हस्तकला, वारली पेंटिंग, कपड़े की थैलियां और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं नागरिकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

कोकण की पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का भी इस मेले में विशेष आकर्षण रहेगा। यहां पुरणपोळी, उकडीचे मोदक, घावणे, रस शिरवाळे, कोंबडी-वडे, नाचणी की भाकरी सहित कोकण के कई पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया जा सकेगा। साथ ही ताजे समुद्री खाद्य पदार्थों का भी आनंद नागरिक उठा सकेंगे।

कोकण विभाग के विभिन्न जिलों से आए महिला स्वयंसहायता समूहों द्वारा हस्तकला, प्रोसेसिंग उद्योग और खाद्य उत्पादों के कुल 150 स्टॉल लगाए जाएंगे। आगंतुकों की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष और स्वास्थ्य कक्ष की भी व्यवस्था की गई है।

यह उपक्रम जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्र शिंदे के मार्गदर्शन में, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा की प्रकल्प संचालिका डॉ. रूपाली सातपुते के नियोजन से आयोजित किया जा रहा है। वहीं वसई-विरार महानगरपालिका के महापौर अजीव पाटील, आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी (आईएएस), अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे और दीपक सावंत का भी इस आयोजन में सहयोग रहेगा।

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि 12 से 16 मार्च के बीच विरार में आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में पहुंचकर ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की खरीदारी करें और कोकण की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का आनंद लेते हुए इस पहल को सफल बनाएं।