गंदे पानी पर उगाई घास, बीमारी फैली तो खुला राज — 6 पर केस दर्ज
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। नालासोपारा पश्चिम के शनि मंदिर–म्हाडा रोड इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्राकृतिक नाले को रोककर उसे अवैध कमाई का साधन बना दिया गया। लेकिन जैसे ही इस ‘गंदे खेल’ का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा, प्रशासन हरकत में आया और 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने नाले में मिट्टी डालकर पानी का बहाव रोक दिया। इसके बाद जमा हुए सीवेज के ऊपर घास उगाई गई, जिसे काटकर बेचा जा रहा था। इस पूरी प्रक्रिया में इलाके में तेज बदबू फैल गई और मच्छरों की संख्या खतरनाक स्तर तक पहुंच गई।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए थे कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा था। लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई तब तेज हुई जब वसई-विरार महानगरपालिका के विपक्ष के नेता मनोज पाटिल ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया।

मनोज पाटिल ने न सिर्फ प्रशासन को चेताया, बल्कि महासभा में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से रखा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की, जहां पूरे ‘घास घोटाले’ का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि यह काम लंबे समय से चल रहा था और पहले दिए गए नोटिस के बावजूद आरोपियों ने कोई सुधार नहीं किया। आखिरकार संदीप चव्हाण, प्रकाश एकांबी, सुरेश एकांबी, नागेश मणी, माणिक कोरी, सचिन मोरे और संजय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
राहत और सवाल दोनों
कार्रवाई के बाद जहां स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह अवैध काम चलता कैसे रहा?
अब नजर प्रशासन पर
फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे इस इलाके में सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था को किस तरह दुरुस्त करता है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।

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