जांच और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल ?

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
वसई-विरार। वसई पूर्व के औद्योगिक क्षेत्र रिचर्ड कंपाउंड में 11 अप्रैल 2026 को लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दोपहर के समय अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास की कई कंपनियों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई जगहों पर धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही वसई विरार शहर महानगर पालिका के अग्निशमन दल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार कई घंटों तक कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कई औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई।
फायर सेफ्टी और नियमों पर उठे बड़े सवाल
इस घटना के बाद सबसे अहम सवाल यह सामने आ रहा है कि क्या संबंधित कंपनियों ने फायर सेफ्टी के सभी नियमों का पालन किया था या नहीं। क्या नियमित फायर ऑडिट कराया गया था? क्या आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे? क्या कंपनियों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण और अन्य आवश्यक लाइसेंस थे? ऐसे तमाम सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वसई विरार क्षेत्र में कई कंपनियां नियमों को नजरअंदाज कर संचालित हो रही हैं और प्रशासन की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही।
पुलिस शिकायत नहीं, अवैध संचालन की आशंका
चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस गंभीर घटना के बावजूद अब तक नजदीकी पेल्हार पुलिस स्टेशन में किसी भी प्रकार की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर शिकायत क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों का मानना है कि यह स्थिति इस ओर इशारा करती है कि जिस कंपनी में आग लगी, वह संभवतः अवैध रूप से संचालित हो रही थी या आवश्यक अनुमतियों के बिना काम कर रही थी।
लगातार बढ़ रही घटनाएं बनी चिंता का विषय
वसई विरार में बीते कुछ समय से आग की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। हर बार नुकसान बड़ा होता है, लेकिन उसके बाद की जांच और कार्रवाई अधूरी रह जाती है। स्थानीय समाज सेवकों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
आयुक्त और महापौर से सख्त कार्रवाई की मांग तेज

वसई विरार शहर महानगर पालिका के आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. और महापौर अजीव पाटिल (महापौर) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। यहां मांग की गई है कि रिचर्ड कंपाउंड की सभी कंपनियों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए, फायर सेफ्टी, फायर ऑडिट और लाइसेंस की स्थिति सार्वजनिक की जाए और जिन इकाइयों पर अवैध संचालन की आशंका है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति और निगरानी तंत्र विकसित किया जाए
जवाबदेही तय करना जरूरी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है। यदि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं—क्या इस बार ठोस कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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