सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
मुंबई। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “माझं गाव, आरोग्यसंपन्न गाव” (मेरा गांव, स्वस्थ गांव) राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्ते किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने अभियान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही, इस पहल से संबंधित वीडियो और पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, रोगमुक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल जनभागीदारी पर आधारित होगी, जिससे गांव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
अभियान की खास बात यह है कि इसमें इलाज से अधिक रोकथाम पर जोर दिया गया है। स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, सांडपानी प्रबंधन, पोषण और संक्रामक व असंक्रामक रोगों की रोकथाम जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े रोगों को भी प्राथमिकता दी गई है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, विभाग, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों को “स्वस्थ गांव” के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 65.25 करोड़ रुपये के पुरस्कारों की घोषणा की है, जो ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों और स्वास्थ्य संस्थाओं को दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर और स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने विश्वास जताया कि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप लेकर ग्रामीण महाराष्ट्र को स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

More Stories
पेल्हार पुलिस का अपराध के खिलाफ सख्त एक्शन, गुंडागर्दी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
वसई-विरार में बिजली संकट पर उच्चस्तरीय बैठक, समाधान के लिए ठोस कदमों के निर्देश
आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 6 एंबुलेंस का लोकार्पण