तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को मिला उत्साहजनक प्रतिसाद
सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
पालघर। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना बनने जा रही जनगणना 2027 को लेकर पालघर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। जिला कलेक्टर कार्यालय में 6 से 11 अप्रैल के बीच आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल डेटा एंट्री, मोबाइल ऐप के उपयोग और CMMS पोर्टल पर कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। जनगणना कार्यालय के मिलिंद पाटील, के.एम. भंडारी और संतोष वाघ ने प्रेजेंटेशन के जरिए घर सूचीकरण, घरगणना प्रक्रिया तथा प्रगणक एवं पर्यवेक्षक नियुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन किया।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जिसके तहत मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह, डेटा की शुद्धता और नागरिकों से संवाद के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया है। जिले में जनगणना कार्य का संचालन जिलाधिकारी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ तथा उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन) एवं जिला जनगणना अधिकारी रणजीत देसाई के नेतृत्व में किया जाएगा।
जनगणना 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी, जो कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होगी। पहली बार नागरिकों को स्वयं-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया जाएगा, जो 1 अप्रैल से 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। दूसरे चरण में नागरिकों की विस्तृत सामाजिक और आर्थिक जानकारी एकत्रित की जाएगी।
इस जनगणना की प्रमुख विशेषताओं में डिजिटल माध्यम से त्वरित सूचना प्रसार, जाति आधारित गणना, स्वयं-गणना पोर्टल और सटीक डेटा संग्रह शामिल हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना के लिए आने वाले प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

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