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जौनपुर साइबर सेल की बड़ी सफलता: 240 गुमशुदा मोबाइल बरामद, अब तक 1400 फोन मालिकों को सौंपे

सनसनी अबतक | मनोज तिवारी
जौनपुर। जनपद जौनपुर की साइबर क्राइम थाना एवं विभिन्न थानों की साइबर सेल टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 240 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया है। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस द्वारा अब तक कुल 1400 मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को लौटाए जा चुके हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव (नोडल साइबर थाना) के कुशल नेतृत्व एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन जौनपुर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों—आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही से भी प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी मोबाइल बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइलों में प्रमुख रूप से वन प्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव द्वारा स्वयं मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सौंपे गए। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत अवश्य करें। साथ ही साइबर अपराध के मामलों में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की।

साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। जिसमें बताया गया है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर विश्वास न करें, बैंक संबंधी जानकारी के लिए केवल बैंक से ही संपर्क करें, अज्ञात कॉल पर किसी भी निर्देश का पालन न करें, अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें, अनजान व्यक्तियों के साथ वीडियो कॉलिंग से बचें, किसी भी अनजान लिंक या QR कोड को स्कैन न करें, टीम व्यूअर, एनीडेस्क जैसे रिमोट ऐप बिना जानकारी इंस्टॉल न करें और पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI/M-PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होती है, ऐसी जानकारी साइबर सेल ने साझा की है।