February 2, 2026

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हिमाचल हाईकोर्ट को मिले तीन नवनियुक्त न्यायाधीश, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने सोमवार को एक समारोह में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के नवनियुक्त न्यायाधीश रंजन शर्मा, बिपिन चंद्र नेगी और राकेश कैंथला को पद की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू और मुख्य न्यायाधीश ममीदन्ना सत्य रत्न श्री रामचन्द्र राव भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति पत्र को पढ़ा। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने शपथ पत्र पर राज्यपाल एवं नवनियुक्त न्यायाधीशों के हस्ताक्षर लिए।

जस्टिस रंजन शर्मा का जन्म 21 अगस्त 1968 को हुआ था और वह धर्मशाला के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सरकारी स्कूल धर्मशाला से की। उन्हें रोहतक विश्वविद्यालय से एलएलबी में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उन्हें दिसंबर 1991 में एक वकील के रूप में नामांकित किया गया था और मार्च 2019 में वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था।

पूर्व मुख्य सचिव के बेटे जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी किन्नौर जिले से हैं। उनका जन्म धर्मशाला में हुआ था और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एडवर्ड स्कूल, शिमला और दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम, नई दिल्ली से की। उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए अर्थशास्त्र (ऑनर्स) और एलएलबी एचपी विश्वविद्यालय शिमला से की। उन्हें 1994 में एक वकील के रूप में नामांकित किया गया था और 2015 में वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया। न्यायमूर्ति नेगी ने कानून के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किया है।

जस्टिस राकेश कैंथला का जन्म 23 मई 1968 को शिमला में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी स्कूल, लक्कड़ बाजार, शिमला से की। गवर्नमेंट कॉलेज संजौली, शिमला से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एचपी विवि से एलएलबी की। वह 1991 में एक वकील के रूप में नामांकित हुए और कानून के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किया। जस्टिस कैंथला ने 1995 में हिमाचल न्यायिक सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रमुख खबरे

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।