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पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में फल-फूल रहा अवैध कारोबार, युवा पीढ़ी पर मंडरा रहा खतरा

सनसनी अबतक | विशेष प्रतिनिधि
नालासोपारा। पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में इन दिनों गैर-कानूनी गतिविधियों का जाल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। नशे और अवैध कारोबार की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे यह सब कैसे चल रहा है?

गांजे का हॉटस्पॉट बना गांगड़ेपाड़ा

पेल्हार पुलिस स्टेशन सीमा अंतर्गत नालासोपारा पूर्व गांगड़े पाड़ा गांजे का हॉटस्पॉट बन चुका है। बता दे कि वहां खुलेआम गांजा की बिक्री हो रही है और पुलिस मूकदर्शक बन बैठी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कम उम्र के युवाओं को आसानी से नशे का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी दिशा और दशा दोनों प्रभावित हो रही हैं। सिर्फ रात होते ही नहीं बल्कि दिन में भी इन क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियां तेज हो जाती हैं। अवैध धंधे करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई भय नहीं दिखता।

गुटखे की बिक्री खुलेआम

पुलिस स्टेशन की सीमा में बिना किसी रोकटोक के खुलेआम गुटखे बेचे जा रहे है, दुकानदार हो या थोक विक्रेता किसी को कानून का कोई खौफ नहीं है जबकि गुटखा महाराष्ट्र में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। बता दे कि इक्का दुक्का पर कार्रवाई कर पुलिस अपनी फर्ज अदायगी कर देती है इसके बाद सब कुछ जस का तस चलने लगता है।

अवैध शराब की बिक्री पर कोई रोक नहीं!

बता दे कि पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में कई स्थानों पर घरों में, किराना की दुकानों में देशी विदेशी शराबें अवैध तरीके से बिक रही है लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है मानो जैसे शराब विक्रेता कानून के रिश्तेदार हों। सवाल यह उठता है अवैध कारोबारियों के पास इतना बड़ा साहस आता कहां से हैं? कौन है उन सबका मसीहा? आखिर में डर की जगह बेखौफ क्यों? अब ऐसे तमाम सवालों का जवाब जनता मांग रही है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे यह धारणा बन रही है कि या तो पुलिस लापरवाह है या फिर कार्रवाई को लेकर गंभीरता की कमी है। बढ़ते अवैध कारोबार के चलते क्षेत्र में अन्य अपराधों में भी वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। अब निगाहें पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक पर टिकी हैं। नागरिकों का मानना है कि यदि उच्च स्तर से सख्त निर्देश जारी हों, तो स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

युवा भविष्य दांव पर

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते नशे के इस जाल पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में इसका सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह प्रभावित होगा। युवा पीढ़ी किसी भी समाज की रीढ़ होती है, और यदि वही नशे की गिरफ्त में आ जाए, तो विकास की राह अवरुद्ध हो जाती है।

अब बड़ा सवाल यही है—क्या पेल्हार पुलिस इन अवैध कारोबारों पर शिकंजा कसेगी, या फिर पेल्हार पुलिस स्टेशन क्षेत्र के युवा यूं ही नशे की भेंट चढ़ते रहेंगे? स्थानीय जनता को सख्त और त्वरित कार्रवाई का इंतजार है।