February 2, 2026

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मुंबई से वाराणसी के लिए भी चलाई जाए वंदे भारत ट्रेन: भवानजी

मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुंबई से वाराणसी के बीच भी वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग की है। रेल मंत्री को एक पत्र भेजकर भवानजी ने बताया है कि पूर्वांचल के बड़ी संख्या में लोग मुंबई में रहते हैं। प्रतिदिन हज़ारों लोगों को अचानक अपने गांव जाना पड़ता है। इसलिए उनके लिए भी एक ऐसी ट्रेन होनी चाहिए जिससे वे जल्द से जल्द अपने गांव पहुंच सकें।

बता दें कि इस साल 15 अगस्त के मौके पर रेलवे यात्रियों को खास तोहफा देने वाला है। वंदे भारत सिटिंग चेयर कार के बाद अब वंदे भारत स्लीपर भी पटरियों पर सरपट दौड़ती नजर आएगी।

वंदे भारत ट्रेन को देश की सबसे स्पेशल ट्रेनों में गिना जाता है। तेज रफ्तार से लेकर एडवांस कोच और हाई टेक सुविधाओं से लेस वंदे भारत में अगर यात्रियों को कोई परेशानी है तो सिर्फ सिटिंग कार की। जी हां, वंदे भारत ट्रेनों के सारे डिब्बे सिटिंग चेयर कार की तरह होते हैं। ऐसे में लंबी यात्रा के दौरान लोग अक्सर बैठे-बैठे थक जाते हैं। हालांकि यात्रियों की ये परेशानी भी अब दूर होने वाली है। भारतीय रेलवे अगले महीनेसे वंदे भारत स्लीपर चलाने वाली है। खबरों की मानें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आम राजधानी, एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों से काफी अलग होगी।

वंदे भारत ट्रेन अपनी तेज रफ्तार के लिए मशहूर है। कई किलोमीटर का सफर चंद घंटो में करने के लिए लोग वंदे भारत ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। जाहिर है इसके सामने मेल, एक्सप्रेस और राजधानी की रफ्तार भी फीकी नजर आएगी।

वंदे भारत स्लीपर की सीटें अन्य ट्रेनों के मुकाबले काफी कंफर्टेबल होंगी। खबरों के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की बर्थ पर बेहतर कुशन का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे रात के समय यात्रियों को सोने में परेशानी ना हो। इसके अलावा ट्रेन की सीढ़ियां भी यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। जिससे ऊपर वाली बर्थ पर चढ़ते समय यात्रियों को कोई दिक्कत महसूस नहीं होगी।

वंदे भारत सिटिंग कार की तरह वंदे भारत स्लीपर में सभी एसी कोच लगेंगे। साथ ही ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजें होंगे, जिन्हें चालक द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। ट्रेन चलने पर दरवाजे अपने आप बंद हो जाएंगे और स्टेशन आने पर दरवाजे खुद-ब-खुद खुल जाएंगे। इसके अलावा ट्रेन में फुल एयर कंडीशनिंग और साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाएगा।

प्रमुख खबरे

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।