February 2, 2026

Sansani ab tak

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 कुछ सालो पहले हमारे पूर्वज सनातनी थे, जो खुशी से शांति से रहेते थे*,भवानजी

मुंबई : वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने ‘अखंड भारत’ की आवश्यकता पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत से अलग हुए पाकिस्तान जैसे देश अब संकट में हैं। भवानजी ने आज यहां ‘भारतीय जन जीवन में सनातन धर्म का महत्व’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि ‘ पूरे भारत में हम सभी लोग सनातनी थे लोग खुशहाल थे लेकिन मुगलों ने हमारे देश पे आक्रमण किया और हमारे धर्म स्थानो को ,देव देवियों की मूर्तियों को नष्ट करके हम पर धर्म परिवर्तन करने के लिए हर प्रकार का जुल्म किया जिस कारण कई लोगों ने मुगलों की बात मान ली और मुसलमान बन गए।धर्म नहीं सिखाता नफरत करना लेकिन कुछ लोग है जो अपने मतलब के लिये धर्म का गलत इस्तमाल करवा रहे हैं, भवानजी ने एक बहुत ही शानदार बात बताई कि हम अपना घर छोड के अपना देश छोड के घूमने जाते है लेकिन जब हम अपने घर वापस आते हैं तब ही सुख शांति का एहसास होता है , जिन सनातनियों ने धर्म परिवर्तन किया है उन्हें शांति तो वापस अपने घर में ही मिलेगी , शांति तो सनातन धर्म’ के जरिए ही संभव है, लेकिन यह बल प्रयोग से संभव नहीं है।

 

उन्होंने कहा, “ब्रह्मांड के कल्याण के लिए गौरवशाली ‘अखंड भारत’ बनाने की आवश्यकता है। इसलिए देशभक्ति जगाने की आवश्यकता है. चूंकि खंडित भारत को एकजुट होने की आवश्यकता है, भारत के सभी विभाजित हिस्से जो अब खुद को भारत नहीं कहते हैं, उन्हें और अधिक आवश्यकता है।”*जो कुछ सालो पहले हमारे पूर्वज सनातनी थे, जो खुशी से शांति से रहेते थे, इस बात पर जोर देते हुए कि ‘अखंड भारत’ की अवधारणा संभव है,

उन्होंने कहा कि लॉर्ड वेवेल ने (ब्रिटिश शासन के दौरान) ब्रिटिश संसद में भी कहा था कि भारत को भगवान ने एक बनाया है और इसे कौन बांटेगा। ‘‘लेकिन अंतत: यह (विभाजन) हुआ। जो असंभव लग रहा था, वह हुआ, इसलिए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि ‘‘अखंड भारत’’ जो असंभव लग रहा है, वह नहीं होगा… क्योंकि अखंड भारत की जरूरत है।’’
भवानजी ने कहा कि भारत के अलग हुए क्षेत्र जो अब खुद को भारत नहीं कहते, उनके लिए भारत के साथ फिर से जुड़ना ज्यादा जरूरी है। “अखंड भारत” के उन इलाकों में अप्रसन्नता है जो अब खुद को भारत नहीं कहते। उन्होंने कहा, “वहां दुख है। उन्होंने सब कुछ किया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। और समाधान केवल एक है, वह है भारत के साथ एकीकरण और उनकी सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।”

उन्होंने कहा कि गांधार अफगानिस्तान बन गया। क्या तब से अफगानिस्तान में शांति और सौहार्द है? पाकिस्तान का गठन हुआ।उन्होंने पूछा, “क्या उस दिन से लेकर अब तक वहां शांति और सौहार्द है?” उन्होंने कहा कि भारत में अनेक चुनौतियों से पार पाने की क्षमता है और विश्व कठिनाइयों से पार पाने के लिए इसकी ओर देख रहा है।उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (विश्व एक परिवार है) की भावना के साथ भारत पुनः विश्व को सुख और शांति प्रदान कर सकता है।

प्रमुख खबरे

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।