February 3, 2026

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देश की सीमाओं पर सैनिकों को बसाया जाए: भवानजी

मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने कहा है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बार्डर के पास की जमीन खेती आदि करने के लिए सैनिकों को लीज पर आबंटित की जाए। भवानजी आज दादर में देश की सुरक्षा और घुसपैठ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सैनिक सेवा में हो या सेवानिवृत्त हो गया हो, वह हथियार चलाने में प्रशिक्षित होता है और देश की सुरक्षा के प्रति जागरूक होता है। यदि सैनिक और उसके परिवार के लोग सीमा पर रहने लगे तो देश विरोधी तत्वों की घुसपैठ पर अंकुश लग सकता है। इस प्रकार सीमा पर एक सुरक्षा दीवार खड़ी हो जायेगी साथ ही साथ सीमा पर खेती करने से अनाज का उत्पादन होगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा ।

उधर रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों (एएफवी) के लिए नेविगेशन सिस्टम (एएलएनएस) और तटरक्षक के वास्ते 22 इंटरसेप्टर नौकाओं की खरीद को सोमवार को मंजूरी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी। लैंड नेविगेशन सिस्टम और इंटरसेप्टर नौकाओं की खरीद पर होने वाले खर्च के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है।

रक्षा मंत्रालय ने बिना विस्तृत जानकारी दिए बताया कि डीएसी ने कई अन्य खरीद प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्रालय ने कहा, भारतीय सेना के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों (एएफवी) के लिए उन्नत भूमि नौवहन प्रणाली (एएलएनएस) की खरीद को मंजूरी दे दी गई है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह उपकरण चेन्नई स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से खरीदा जाएगा। यह खरीद स्वदेश में डिजाइन, विकसित और निर्मित (आईडीडीएम) श्रेणी के तहत की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि उसने तटरक्षक के लिए 22 इंटरसेप्टर नौकाएं खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारतीय तटरक्षक की क्षमताओं को बढ़ाने में इससे मदद मिलेगी। डीएसी ने अत्याधुनिक प्रणाली के साथ 22 इंटरसेप्टर नौकाओं की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया है। इन नौकाओं का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी,तटीय निगरानी, गश्त, खास ऑपरेशन और राहत बचाव के कार्यों के लिए किया जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 29 जुलाई को यह बैठक हुई जिसमें विभिन्न कैपिटल एक्विजिशन प्रपोजल पर विचार किया गया।

प्रमुख खबरे

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।

मुंबई के एक्स डेप्युटी मेयर बाबुभाई भवानजी ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए MMRDA और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ चर्चा और नागरिकों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई करने की माग की ,BMC कुर्ला एल डिवीजन में /MMRD ने हलाव ब्रिज पर मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई फिलहाल 3.50 मीटर है। इस मार्ग का उपयोग गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान परिवहन के लिए किया जाता है। इसलिए यहां से गणपति और देवी की मूर्तियां ले जाने में अप्रत्यक्ष बाधा उत्पन्न हो गई है। भवानजी ने मुद्दा उठाया कि अगर मेट्रो 2बी का रूट नहीं बदला गया तो यह नौबत नहीं आती। यदि मार्ग परिवर्तन करते समय नागरिकों की शिकायत एवं आपत्ति मांगी गई है तो जानकारी दी जाये। 3.50 मीटर ऊंचाई की अनुमति 2017 की है और एमएमआरडीए को एक बार फिर हवाईअड्डा प्राधिकरण से ऊंचाई 5.50 मीटर तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए। इससे भविष्य में मेट्रो रेल को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कुर्ला की बदलती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए भवानजी ने रूट परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया और कुर्ला के नागरिकों को हर बार हल्के में लेने की मानसिकता में बदलाव की मांग की। अंत में BMC /MMRDA अधिकारियों को इस मामले के बारे में निर्देश दिए, वहीं MMRDA अधिकारीयो ने मेट्रो 2बी गर्डर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्होने MMRDA /एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात किया।